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Do you know about the Phyto facts of Flaxseed?

Do you know about the Phyto facts of Flaxseed?

Flaxseed [अलसी] का वानस्पतिक नाम Linum usitatissimum है. भारतीय महाद्वीप में इसे तेल तथा रेशेदार फसल के रूप में जाना जाता है. दरअसल Flaxseed अल्फा-लिनोलेनिक एसिड सहित dietary fiber और ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत माना जाता है.

अलसी के बीजों में लिग्नान [lignans] नामक फाइटोएस्ट्रोजेन भी होते हैं, जो हार्मोन एस्ट्रोजन के समान हैं. यह मुख्य रूप से अलसी के फाइबर सीडकोट में पाया जाता है.जब flaxseed को मुख्य भोजन से पहले सेवन किया जाता है, तो भूख कम लगने का अहसास होता है.

कब्ज, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और गुर्दे की सूजन के लिए अलसी का उपयोग किया जाता है. इसके अलावा भी कई अन्य स्थितियों के लिए उपयोग किया जाता है, जिनमें से अधिकांश के समर्थन के लिए समुचित वैज्ञानिक प्रमाण अब तक उपलब्ध नहीं है. इस दिशा में और अधिक शोध की आवश्यकता है.

फ्लेक्ससीड मील | Flaxseed meal

स्मूदी: सुबह दिन की शुरुआत के लिए, एक स्मूदी या शेक में एक बड़ा चम्मच या दो चम्मच पिसे हुए अलसी मिलाया जा सकता है.

बेकिंग: कुकीज, मफिन, पैनकेक और ब्रेड के लिए यह आदर्श है. यदि आप सेंकना पसंद करते हैं, तो इसके बनावट और पोषण को बढ़ावा देने के लिए इनमें मोटे पिसे हुए अलसी को मिलाया जा सकता है.

सलाद: भुनी हुई सब्जियों पर अलसी का तेल छिड़कें, या आखिरी मिनट में टॉपिंग के रूप में कटे हुए बीज डालें। यदि आप चाहें, तो जैतून का तेल के स्थान पर अलसी के तेल का उपयोग कर सकते है.

स्नैक्स: पॉपकॉर्न पर अलसी का तेल छिड़का जा सकता है या ऐसे भोजन जिसे पीस कर उपयोग किया जाता है उनमे भी इसे शामिल किया जा सकता है.

ओटमील: अलसी खाने से ओट्स और भी ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं. भीगे हुए चिया सीड्स से बने ओटमील या हलवे को थोड़ी सी दालचीनी और ब्राउन शुगर के साथ शेक करे.

ग्रेनोला और ब्रेकफास्ट बार: यदि आप अपनी खुद की एनर्जीबार या ग्रेनोला बनाते हैं, तो रेसिपी में ग्राउंड फ्लैक्ससीड जरुर मिलाएं.

अलसी के लाभ | Flaxseed benefits

फ्लेक्ससीड से 37 कैलोरी और 3  ग्राम वसा प्रति चम्मच प्रदान करते हैं जो हृदय-स्वस्थ के लिए उत्तम माना गया है. इसके अलावा एक बड़ा चम्मच अलसी 2 ग्राम फाइबर भी प्रदान करता है जिसमें से अधिकांश घुलनशील होता है.

जिससे पुराने कब्ज के इलाज में सहायता मिलती है. अलसी के बीज न सिर्फ थायमिन, फास्फोरस और मैंगनीज का अच्छा स्रोत हैं बल्कि थोड़ी मात्रा में आयरन, कैल्शियम, जस्ता, पोटेशियम, विटामिन बी-6 और फोलेट भी प्रदान करते हैं।

वैज्ञानिको के अनुसार अलसी के बीजों में उपस्थित लिग्निन में कैंसररोधी गुण पाया गया है.

flaxseed
Image by Manfred Richter from Pixabay

अलसी के साइड इफेक्ट | flaxseed oil side effect

यदि आप इस खाद्य पदार्थ के लिए नए हैं तो संभावित अलसी के दुष्प्रभावों के बारे में चिंतित हो सकते हैं. चूँकि अलसी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए कई पाचन संबंधित समस्याओं से सामना हो सकता है.

इसके सेवन से पेट में सूजन, गैस और दस्त हो सकते हैं. इन दुष्प्रभावों से बचने के लिए Flaxseed का सेवन अधिक मात्रा में न करें. इस फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन के दौरान दिनभर में खूब पानी पिएं. यह फाइबर को कब्ज या अन्य असहज लक्षण पैदा करने से रोकेगा.

National Center for Complementary and Integrative Health कच्चे अलसी से बचने की सलाह देते है क्योंकि इसे पकाने से पहले उनमें जहरीले यौगिक हो सकते हैं.

वे यह भी कहते हैं कि हल्के हार्मोनल प्रभावों के कारण गर्भवती महिलाओं को अलसी, अलसी के तेल और अलसी की किसी भी खुराक से बचना चाहिए.

सबसे अच्छी बात यह है कि अलसी के दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है. अलसी से एलर्जी की प्रतिक्रिया दुर्लभ है. जब एक उचित खुराक का सेवन किया जाता है, तो इन दुष्प्रभावों का जोखिम भी कम होता है.

लीनसीड और फ्लेक्ससीड | linseed vs flaxseed

Linseeds और flaxseeds दोनों एक ही चीज है. जब यहां खाद्य पदार्थ खरीदने की बात आती है तो यह भ्रम दो बड़े अंग्रेजी बोलने वाले देशों से आता है.

ब्रिटिश इंग्लिश में, वे Linseeds और flaxseeds के बीच अंतर करते हैं, जबकि संयुक्त राज्य और कनाडा में बोले जाने वाले अमेरिकन इंग्लिश में दोनों को flaxseeds के रूप में संदर्भित करते हैं.

अलसी के तेल के बारे में | What About Flaxseed Oil?

अलसी के तेल में कई पोषक गुणों और स्वास्थ्य लाभों से भरपूर है. यह आमतौर पर कोल्ड प्रेसिंग नामक प्रक्रिया द्वारा निकाला जाता है. चूँकि यह तेल गर्मी और प्रकाश के प्रति संवेदनशील है, इसे अंधेरे कांच की बोतलों में रखा जाता है और किचन कैबिनेट जैसी अंधेरी, ठंडी जगह पर रखा जाता है.

जबकि इसके कुछ पोषक तत्व गर्मी के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं, अलसी का तेल उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए उपयुक्त नहीं है.

फिर भी, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि अलसी तेल को लगभग 350°F/177°C तक के हल्के स्टर-फ्राइंग में उपयोग करने से तेल की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आई.

साथ ही यह ध्यान देने योग्य है कि अलसी के तेल में अलसी की तुलना में अधिक ALA होता है. एक चम्मच पिसे हुए अलसी के बीज में 1.6 ग्राम, जबकि एक चम्मच अलसी के तेल में 7 ग्राम होता है.

बहरहाल, अलसी के बीजों में कई अन्य लाभकारी पोषक तत्व होते हैं जो इसके निकाले गए तेल में शामिल नहीं होते हैं, जैसे कि फाइबर. अलसी के स्वास्थ्य लाभों को पूरी तरह से प्राप्त करने के लिए, पिसे हुए अलसी के बीज एक बेहतरीन पहली पसंद होती है.

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