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Kidney Stone Breaks Through Bryophyllum pinnatum

Kidney Stone Breaks Through Bryophyllum pinnatum

Bryophyllum Pinnatum |
Pattarchatta | Life Plant

पथरचट्टा का वनस्पतिक नाम Bryophyllum pinnatum (Lam.) Kurz. है, जो Crassulaceae कुल का पौधा है. 1-4 फिट ऊंचाई का यह पौधा पुरे भारत में पाया जाता है. पत्थरचट्टा का फूल आमतौर पर बैंगनी-हरे रंग का होता है. इसके कुछ किस्मों में गुलाबी फुल भी पाए गए है.

बीजों का आकर छोटे, गोल और पतले होते हैं. पौधे की पत्तियों के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि एक पत्ते के किनारों से लगभग 5-10 पौधे उग सकते हैं इसलिए इसके प्रसार के लिए बीज की आवश्यकता नहीं होती है.

अन्य नाम | Vernacular Name

हिन्दी में इसे पत्थरचुरी तथा पर्णबीजा के नाम से जाना जाता है. इसके साथ ही अंग्रेजी में Miracle Leaf, Air Plant, Bryophyllum, Life Plant जैसे नामों से जाना जाता है.

उत्त्पति स्थान | Origin of Bryophyllum pinnatum

Bryophyllum pinnatum [पथरचट्टा] को एक खरपतवार की श्रेणी में रखा गया. इसे मेडागास्कर मूल का माना जाता है जहाँ यह खरपतवार या जंगली रूप में सर्वप्रथम पाया गया था.

रासायनिक संघटक | Chemical Composition

पथरचट्टा में बुफ़ैडीनोलाइड [Bufadienolide] नामक यौगिकों पाया जाता है जो कि एक शक्तिशाली Steroid है. इसके साथ में Bryophillin A, Bersaldegenin-3-acetate, and Bryophillin C. भी पाया जाता है.

Bryophillin C एक अच्छा कीटनाशक गुण दर्शाते हैं जिसके कारण इसके रस को आर्गेनिक कीटनाशक के रूप में उपयोग किया जाता है.

पथरचट्टा के उपयोग | Bryophyllum pinnatum Uses

एक शक्तिशाली रोग प्रतिरोधक और पाचक प्रेरक के रूप में जाना जाता है पथरचट्टा. आप सभी कभी न कभी यह जरुर सुनें या पढ़े होंगे कि यह पौधा गुर्दे और पित्त की पथरी के इलाज के लिए उपयोगी होता है. यह सच है और वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध भी हो चुका है.

इसके अतिरिक्त, पथरचट्टा [Bryophyllum pinnatum] का उपयोग अल्सर , उच्च रक्तचाप, बुखार, कफ़, कब्ज, पेट दर्द, आदि से रोगों के निदान के लिए उपयोगी है. इतना ही नही पथरचट्टा के रस को बालों पर लगा कर असमय होने वाले बालों के सफ़ेदी को भी रोका जा सकता है.

पथरचट्टा के फायदे | Bryophyllum pinnatum Medicinal Benefits

गुर्दे की पथरी के लिए रामबाण औषधी | Bryophyllum pinnatum for Kidney Stone

डाइयुरेटिक अर्थात (मूत्रवर्धक) और लिथोट्रिप्टिक जैसे गुणों से भरा होता है पथरचट्टा जो गुर्दे में मौजूद पत्थर को तोड़ देता हैं.

गुर्दे की पथरी से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक पथराचट्टा के रस [Juice] के सुबह खालीपेट सेवन की सलाह देते है इसके साथ ही साथ कुल्थी की दाल का सेवन भोजन के रूप में की जाती है तो गुर्दे की पथरी को तेजी से खत्म करने में मदद करता है.

दर्द और सुजन के लिए | For Anti inflammation and Pain Relief

मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द में पथराचट्टा प्रभावी ढंग कारगर है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसके पत्तियों को थोड़ा गर्म करके तथा गुनगुना सरसों का तेल लगाकर प्रभावित जगह पर सूती कपड़े से बाँध दिया जाता था. इसमें मौजूद Analgesic तत्व सूजन को कम करके दर्द को ख़त्म कर देता था.

घाव जल्दी भरे | Wound Healing Properties

घावों को भरने के लिए पथरचट्टा पत्तियों के कसैले गुण अर्थात [Astringent properties] सहायक होते हैं. जब कभी मच्छर या मधुमक्खी कट ले तो उसके सूजन और जलन को शांत करने में लिए पत्तरचट्टा पत्तियों का लेप सहायक होता है.

Bryophyllum pinnatum

पाचन समस्याओं के लिए | Bryophyllum pinnatum Helps to Regulate Indigestion

अधिकांश लोगों को अनियमित भोजन व्यव्हार के कारण पाचन सम्बंधित समस्याएँ होती है. जिनमें कब्ज, गैस, पेट में दर्द आदि प्रमुख हैं. इन सब के लिए पथरचट्टा पित्त दोष को संतुलित करके पाचन को सुचारू रूप प्रदान करता है.

मूत्र विकारों के लिए कारगर | Good for Urinary Disorders

मूत्र विकारों [Urinary disorders] को ठीक करने में भी यह सक्षम पाया गया है. पथरचट्टा मूत्र विकारों के लिए बहुत अच्छा और प्रभावी औषधी है. रिसर्च के अनुशार पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा मूत्र संबंधी विकार के मामले में ज्यादा देखे गये है. इस विकार के लिए चिकित्सक अक्सर पथरचट्टा काढ़े [Decoction] का सेवन शहद के साथ करने की सलाह देते है.

दस्त करे ठीक | Cures Diarrhea with Bryophyllum

किसी भी प्रकार के दस्त को ठीक करने के प्रमाण Bryophyllum pinnatum  में मिलते हैं. ताजे पथरचट्टा के रस को उचित चिकित्सकीय परामर्श के बाद सेवन की सलाह रोगियों की दी जाती है. साधारणतया दिन में तीन से चार बार लगातार 2 से 3 दिन तक देने से दस्त से निजात मिल जाती है.

रक्तचाप को नियंत्रित करे | Controlling Blood Pressure

यदि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है तो पथरचट्टा को अपने दैनिक भोजन में चटनी के रूप में लेना लाभदायक हो सकता है. यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में फायदेमंद है. पथरचट्टा को पुदीने की पत्तियों के साथ पीस कर इसकी चटनी बनाई जा सकती है.

अनिद्रा से राहत | Relief from Insomnia

विभिन्न कारणों से लोगों को नींद न आने की समस्या होती है. पथरचट्टा के काढ़े का सोने से पहले नियमित सेवन अनिद्रा की परेशानी से निजात दिलाती है.

दुष्प्रभाव | Side Effect of Bryophyllum pinnatum

गर्भावस्था के दौरान पथरचट्टा का सेवन नही करने की मान्यता है हालांकि इस तारतम्य में अभी तक कोई क्लिनिकल अनुसंधान साक्ष्य प्राप्त नही हुए है फिर भी स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टीकोण से गर्भवती महिलाएं इसके सेवन से बचें.

निष्कर्ष | Conclusion

निसंदेह पथरचट्टा [Bryophyllum pinnatum] कई लाभों से भरा एक औषधीय पौधा है और यह आसानी से गमलों में या किचन गार्डन में आसानी से उगाया जा सकता है. इस पौधे का लाभदायक गुण बहुत ज्यादा है और दुष्परिणाम काफी कम.

आप सभी पाठकों से मेरा निवेदन है कि किसी भी प्रकार के औषधीय पौध से स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए उपभोग या सेवन से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर्स से दवाई रूप में लेने की विधि, अनुशंषित मात्रा, समय जैसे आवश्यक बातों की जानकारी जरूर लेवें.

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