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Myths and Facts about Green Tea

Myths and Facts about Green Tea

Green tea का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है, जहाँ चीन और जापान के विभिन्न प्राचीन लेखों में ग्रीन टी का उल्लेख मिलता है.

ग्रीन टी एक प्राकृतिक और हर्बल पेय है, जो इसके ताज़गी भरे स्वाद और औषधीय गुणों के लिए बेशकीमती माना जाता है. आज के इन्टरनेट युग में हमारे पास असंख्य लिटरेचर मौजूद जो ग्रीन टी के सम्बन्ध में कई प्रकार के दावे करते है.

लगभग हम सभी ने कही न कही ग्रीन टी के बारे में कैंसर से लेकर वज़न घटाने तक के स्वास्थ्य दावे को जरुर सुना या पढ़ा होगा. ऐसे में अक्सर यह समझाना बहुत मुश्किल हो जाता है किन बातों में विश्वास किया जाए.

यह लेख ग्रीन टी से जुड़े तथ्यों के बारें में है जो आपको एक सटीक जानकारी देगी जिससे आप आसानी से निर्णय ले पाएंगे. या पुर्णतः लिटरेचर सर्वे पर आधारित है.

ग्रीन टी के मुख्य यौगिक | Main Content of Green tea

चाय के फाइटो केमिकल्स पर हुए रिसर्च में अधिकांश वैज्ञानिकों के द्वारा इसमें एक प्रमुख यौगिक का होना पाया गया जिसे कैटेचिन [Catechins] कहा जाता है. रिसर्चर ने दावा किया है की यह यौगिक सभी प्रकार की चाय में मौजूद होता है.

इसकी मौजूदगी तब तक सुनिश्चित है जब तक पत्तियों को संसाधित न किया गया हो. चुकीं चाय की ताजे पत्तियों को संसाधित किया जाता है जिससे कैटेचिन के नष्ट होने की संभावना बढ़ जाती है. किन्तु Green tea, जिसे कम से कम प्रसंस्करण से गुजारा जाता है, इसलिए इसमें कैटेचिन की अधिक मात्रा होती है.

कैटेचिन एक एंटीऑक्सिडेंट [Antioxidant] हैं, जिसका अर्थ है कि यह हानिकारक मुक्त-कणों से बंध जाते हैं और उन्हें बेअसर कर देते हैं, जिससे सूजन और कोशिका क्षति को रोका जा सकता है जो कि विभिन्न बीमारियों में योगदान देता है.

सभी ग्रीन टी कैमेलिया सिनेंसिस  पौधे की पत्तियों से बनाई जाती है, लेकिन पत्तियों को उगाने और संसाधित करने के विभिन्न तरीके हैं. चाय अलग-अलग किस्मों और उनके प्रसंस्करण के तरीके हमें अलग-अलग स्वाद प्रदान करती है.

ग्रीन टी के प्रकार | Different Types of Green tea

सेंचा | Sencha Green tea

सेंचा एक जापानी Green tea है, जिसे पानी में चाय की साबुत पत्तियों को डालकर बनाया जाता है। यह जापान की सबसे लोकप्रिय ग्रीन टी है. सेंचा, सैकड़ों वर्षों से जापानी संस्कृति का एक हिस्सा रहा है.

ग्योकुरो | Gyokuro Green tea

ग्योकुरो, जापान की सबसे महंगे Green tea में से एक है. यह सेन्चा के विपरीत, छायादार जगहों में उगाया जाता है. ग्योकुरो में थीनिन और कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है जिससे यह एक मीठा स्वाद देती है.

अपनी विशिष्ट मिठास को बनाए रखने के लिए ग्योकुरो को अन्य चायों की तुलना में कम तापमान पर तैयार किया जाता है.

टेंचा | Tencha

टेंचा चाय गियोकुरो की तरह ही इसके मीठे स्वाद के लिए छाया में उगाया जाता है. टेंचा की पत्तियों को पका कर चाय बनाया जाता है तथा यह ज्यादातर माचा पाउडर [Matcha powder] बनाने में इस्तेमाल किया जाता है.

माचा एक ग्रीन टी पाउडर है जो टेंचा के पत्तों को पीस कर बनाया जाता है. इसमें जिसमें थीनिन [Theanine] और कैफीन [Caffeine] की समान मात्रा होती है.

जापान में होने वाले पारंपरिक जापानी चाय समारोहों में गर्म चाय के रूप में तैयार किया जाता है. कई व्यंजनों में Green tea के विशिष्ट स्वाद के लिए इस पाउडर का उपयोग किया जाता है.

फनमेटसुचा | Funmatsucha

फनमेटसुचा एक पीसा हुआ चाय है, जिसे सेंचा की पत्तियों को पिस कर बनाया जाता है। सेन्चा की पत्तियों को सूरज की गर्मी से बचा कर रखा जाता है, इसलिए यह स्वाद में कड़वा होता है.

कड़वा स्वाद होने के बावजूद भी सुखद स्वाद का अनुभव देती है. यह माचा पाउडर की तुलना में अधिक सस्ती भी है, क्योंकि इसे उगाना आसान है. बजट को ध्यान में रखे तो यह कई महँगी Green tea का अच्छा विकल्प है.

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मिथक और तथ्य | Myths and Facts about Green tea

1. ग्रीन टी पीने से वजन घटता है और यह शरीर से अतिरिक्त वसा को ख़त्म (Fat Burn) कर सकता है.

यह सबसे आम मिथक है. अध्ययन से ज्ञात हुआ है कि चाहे कितनी भी Green tea पी लें, यह चमत्कारिक रूप से वजन कम नहीं कर सकता हैं. न ही यह शरीर से अतिरिक्त वसा को आसानी से घटा सकता है.

हाँ, वजन घटाने के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए इसे बनाए रखना आवश्यक है. यह वजन घटाने के कार्यक्रम में उत्प्रेरक के रूप में काम करता है.

2. Green tea पीने से अनचाहे बेली फैट से छुटकारा मिलता है.

यह भी एक लोकप्रिय ग्रीन टी मिथक है.  यह सच नहीं है. बेली फैट से छुटकारा पाने के लिए इन सभी जरियों को बंद करना पड़ेगा जिससे अनचाही कैलोरी हमारे शरीर में आ रही है.

जैसे कि मीठे का सेवन, इससे अधिक मात्रा में शुगर शरीर में आती है. इसके सेवन से के साथ-साथ ग्रीन टी से चमत्कार की उम्मीद नही कर सकते हैं.

कई लोग Green tea के मीठे के साथ पीना पसंद करते हैं, इस बात की अनदेखी करते हुए कि वे अभी भी चीनी के रूप में कैलोरी का सेवन कर रहे हैं.

3. ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करता है Green tea.

कई लोग मानते हैं कि Green tea पोषक तत्वों से समृद्ध होने के कारण, एक निश्चित सीमा तक सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप को कम करने में मदद करती है. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि इसे रक्तचाप को ठीक करने के लिए दवा के रूप में उपयोग कर सकते हैं.

यह केवल ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने में मदद कर सकता है, यदि नियमित रूप से निश्चित मात्रा में सेवन किया जाए.

4. Green tea एक मेटाबॉलिज्म बूस्टर है.

लोगों का मानना है कि यह शरीर की चयापचय दर को बढ़ाता है. उचित व्यायाम और स्वस्थ भोजन खाने के बिना, किसी भी सकारात्मक प्रभाव को देखना संभव नहीं है. व्यायाम या अन्य गतिविधियों के साथ-साथ Green tea पीने से चयापचय में आवश्यक सुधार होता हैं.

5. माचा और Green tea अलग-अलग हैं.

हालांकि दोनों ही Green tea परिवार से संबंधित है. जैसा की ऊपर ग्रीन टी के प्रकार की चर्चा किया गया है. माचा चाय पारंपरिक ग्रीन टी से अलग है. यह पारंपरिक चाय के विपरीत, छाया में तैयार किया जाता है.

इसलिय इससे इसके पोषण मूल्य बने रहते है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो माचा चाय के लाभ ग्रीन टी के लाभों से कही अधिक हैं. इसके अलावा, यह पाउडर के रूप में सेवन किया जाता है.

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6. Green tea में एंटी एजिंग गुण होते हैं.

रिसर्च से यह बात सिद्ध हो चूका है की बढ़ते उम्र को Green tea नहीं रोक सकता है. हां, एंटीऑक्सिडेंट मुक्त कणों को हटाने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद जरुर करता हैं.

7. ग्रीन टी ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है.

ग्रीन टी के लाभों में से एक Catechins और Polysaccharides की उपस्थिति है. Catechin, ECGC, इंसुलिन के उत्पादन और शरीर में ग्लूकोज के उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है.

8. दुधयुक्त ग्रीन टी अच्छा होता है.

हालांकि दूध Green tea के स्वाद को बढ़ा सकता है, लेकिन यह फायदेमंद नहीं है. हम यह कह सकते है कि दूध मिलाने से ग्रीन टी के फायदे कम हो जाते हैं. दूध में पाए जाने वाले कैसिइन [Casein] प्रोटीन, Green tea में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट के प्रभाव को कम करता है.

9. Green tea कैफीनयुक्त होती है.

यह सच है कि ग्रीन टी में कैफीन पाया जाता है किन्तु कॉफी की तुलना में कम मात्रा में होती है. ग्रीन टी में पाया जाने वाला कैफीन से कॉफी के मुकाबले शरीर पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है. इसके अतिरिक्त, यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है.

ग्रीन टी के साइड इफेक्ट्स | Side Effects of Green Tea

हालांकि Green tea के फायदे अधिक हैं, फिर भी ग्रीन टी के कुछ दुष्प्रभाव भी हैं. यह दुष्प्रभाव कुछ ही मामलों में हो सकते हैं जैसे:

  • अधिक मात्रा में ग्रीन टी पीने से हार्टबर्न, पेट-दर्द और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं. क्योंकि ग्रीन टी में टैनिन घटक होता है, जिसका अधिक मात्रा में सेवन करने पर पेट में एसिड बढ़ जाता है.
  • ग्रीन टी मूत्रवर्धक [diuretic] होता है, इसलिए यह पेशाब का कारण बनता है. चुकीं हम सभी जानते है कि अत्यधिक पेशाब से डीहाइड्रेशन होता है जिसके फलस्वरूप थकान और सिरदर्द भी होता है.
  • अनिद्रा, नींद की कमी ग्रीन टी के दुष्प्रभावों में से एक है. जैसा कि पहले ही बताया गया है इसमें कैफीन घटक पाया जाता है, जो एक ऊर्जा उत्तेजक है. बॉडी में कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है इसके अधिक सेवन से, फलस्वरूप नींद कम आती है.
  • कभी-कभी कुछ मामलों में ग्रीन टी  से एलर्जी, एक्जिमा जैसी त्वचा की समस्याएं भी देखी गई हैं. ऐसा भी हो सकता है कि ग्रीन टी में मौजूद किसी खास तत्व से ही किसी व्यक्ति को एलर्जी हो.

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3 thoughts on “Myths and Facts about Green Tea

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