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Know About Traditional Healers and Traditional Remedies

Know About Traditional Healers and Traditional Remedies

Traditional healers [पारंपरिक चिकित्सक] को ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसे किसी समुदाय विशेष के द्वारा मान्यता प्राप्त है जिसमें वह औषधीय पौधों, खनिज पदार्थों, पशु आधारित तत्वों तथा सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आधार का उपयोग करके स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करता है.

पारंपरिक चिकित्सक [Traditional healers] स्वास्थ्य की जानकारी और उपचार का एक विश्वसनीय स्रोत होते हैं. उनके कौशल और साधनों को देखते हुए, उन्हें विभिन्न देशों में कुछ प्रमुख रोगों से निपटने के लिए एक बड़ी भूमिका निभाते देखा गया हैं.

जिन देशों में एलोपैथिक चिकित्सा की पहुंच सीमित है, उन देशों में, पारंपरिक चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल का मुख्य स्रोत होती है. एशिया और अफ्रीका के कुछ देशों में, 80% आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों के लिए पारंपरिक चिकित्सा पर निर्भर है.

कई विकासशील देशों में एलोपैथिक चिकित्सकों की तुलना में Traditional healers [पारंपरिक चिकित्सक] अधिक हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार युगांडा में, प्रति 20,000 जनसंख्या के लिए मात्र एक बायोमेडिकल चिकित्सकों उपलब्ध है. जबकि Traditional healers की संख्या प्रति 200 जनसंख्या के लिए मात्र एक है.

एक अन्य अध्ययन पर गौर करें तो युगांडा में प्रत्येक गाँव में कम से कम एक पारंपरिक चिकित्सक पाया जाता है तथा प्रति पाँच बायोमेडिकल चिकित्सकों में से चार पारंपरिक चिकित्सक होते हैं.

पारंपरिक चिकित्सक की भूमिका | Role of Traditional Healer

  1. पारंपरिक ज्ञान को एक पीढ़ी से दुसरे पीढ़ी में पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध होते है Traditional healers [पारंपरिक चिकित्सक].
  2. इस पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का समाज में रहने वाले निम्न आय वर्ग एक लोगों के उपचार के लिए उपयोग की जाती है.
  3. अनुभव आधारित पारंपरिक चिकित्सकों के पास व्यापक और विश्वनीय ज्ञान होता है और वे रोगों के लक्षणों की व्याख्या करने में सक्षम होते हैं.
  4. इस तरह के पारंपरिक उपचार में ज्यादातर औषधीय पौधों पर आधारित दवाइयां शामिल होती हैं. उनका ज्ञान सिर्फ उन्हीं के पास होता है जो कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आती है.
  5. चूँकि Traditional healers अपने स्थानीय क्षेत्रों में उगने वाले पौधों का उपयोग करते हैं इसलिए इनकी लागत कम होती है तथा उच्च लागत वाले  एलोपैथी दवाओं के एक विकल्प प्रदान करने में सक्षम हैं.

पारंपरिक चिकित्सा | Traditional Remedies / Medicine

यहाँ पारंपरिक चिकित्सा का तात्पर्य, ज्ञान, कौशल, अभ्यास और सिद्धांतों या विश्वासों के अनुभवों के आधार पर शारीरिक और मानसिक बिमारियों का निदान, सुधार या उपचार किया जाता है.

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पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ और भौगोलिक क्षेत्र | Traditional Remedies Among Geographic Regions and Cultures

पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ भौगोलिक क्षेत्रों और संस्कृतियों के अनुसार भिन्न-भिन्न होती हैं. आज भी विश्व के कई देशों में कई कारणों से पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल की मांग की जाती है.

एक नृवंशविज्ञान [Ethnographic] अध्ययन के अनुसार Traditional healers में किसी भी बीमारी को समझने और उसके उपचार की क्षमता अन्य चिकित्सकों के तुलना में अधिक पाई गई है. इसके अलावा, पारंपरिक चिकित्सा कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल का सबसे सुलभ रूप तथा कभी-कभी एकमात्र रूप है.

नाइजीरिया के ईदो राज्य [Edo State] में, बच्चों की देखभाल करने वाली माताओं ने बताया कि उन्होंने बायोमेडिकल चिकित्सकों की बजाय पारंपरिक जन्म परिचारकों [Traditional Birth Attendants (TBAs)] से देखभाल की इच्छा जताई क्योंकि ये परिचारक सेवाएं क्लिनिक-आधारित देखभाल की तुलना में आसानी से और कम खर्चे पर उपलब्ध थीं.

इसी तरह घाना के सेने जिले के एक गाँव, क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र के देखरेख में प्रसव कराने और क्लिनिक में आने-जाने के खर्च की वजह से प्रसव के दौरान पारंपरिक देखभाल की माँग करता था.

जानसेन (2006) ने बताया कि घाना की कई महिलाओं ने एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रसव सेवाओं का भी उपयोग किया और उन्होंने एलोपैथिक देखभाल को सार्वभौमिक रूप से अस्वीकार नहीं किया, लेकिन तार्किक और आर्थिक कारणों से प्रसव के दौरान पारंपरिक देखभाल को ही  चुना.

पारंपरिक चिकित्सा को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मान्यता | Traditional Remedies is Recognized by the WHO

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य के महत्व को पहचाना और मान्यता दी. डब्ल्यूएचओ के अनुसार यह प्रथा वास्तव में दुनिया के कई क्षेत्रों में लोकप्रिय हो रही है क्योंकि वे आधुनिक दवाओं की तुलना में सराहनीय चिकित्सा प्रदान करते हैं.
  • कई अन्य वैज्ञानिक संगठन विश्वभर में पारंपरिक दवाओं और उनकी प्रभावशीलता का अध्ययन कर रहे हैं. इससे आधुनिक समाज में पारंपरिक दवाओं के महत्व पर पत्रिकाओं और प्रकाशनों में लगातार वृद्धि हुई है.
  • विशेष रूप से अफ्रीका और एशिया में किए गए शोध ने पारंपरिक उपचार के लाभों पर प्रकाश डाला है. महत्वपूर्ण रूप से, ये प्रथाएं उन समाजों की सांस्कृतिक मान्यताओं में परस्पर जुड़ी हुई हैं जो उनका उपयोग करते हैं.
  • वे चिकित्सा के समग्र तरीके हैं जिनमें मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्थिति शामिल हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन तरीकों पर जानकारी और डेटा एकत्र किया है, ताकि दुनिया के अन्य क्षेत्रों में उनकी स्वीकृति और पदोन्नति के लिए दिशानिर्देश तैयार किए जा सकें.
  • एक स्वस्थ व्यक्ति को शारीरिक रूप से अच्छा, मानसिक रूप से स्थिर और भावनात्मक रूप से अच्छा कहा जाता है.

पारंपरिक चिकित्सा के लाभ | Advantages of Traditional Remedies

लक्षणों और बीमारियों का औषधीय पौधों पर आधारित उपचार सबसे अधिक अफ्रीका और चीन में प्रभावी तरीके से किया जाता हैं. हालांकि वे सभी बीमारियों के पूर्ण इलाज का दावा नहीं करते हैं, किन्तु पुरानी स्थितियों को बेहतर कर सकते हैं.

हर्बल उपचार पौधों का उपयोग करके सामान्य खांसी, जुकाम, फ्लू, बुखार और गले में खराश जैसे समस्याओं के लक्षणों को देखकर इन्हें कम कर सकते हैं.

हर्बल उपचार अन्य फार्मास्युटिकल दवाओं की तुलना में बहुत कम ही दुष्प्रभाव या साइड इफ़ेक्ट होते हैं क्योंकि वे पूरी तरह से प्राकृतिक होते हैं.

आमतौर पर पारंपरिक चिकित्सा और हर्बल ड्रग सभी रोगियों के लिए सुरक्षित होते हैं जब तक कि उन्हें पौधों में उपस्थित कुछ रसायनों से एलर्जी न हो. आधुनिक युग में, पारंपरिक उपचार अक्सर पूरक उपचार के रूप में मुख्यधारा की दवाओं के साथ संयोजन में उपयोग किया जाता है.

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Reference

Imogie, A.O., Agwubike, E.O., Aluko, K. (2002). Assessing the role of traditional birth attendants (TBAs) in health care delivery in Edo State, Nigeria. African Journal of Reproductive Health, 6(2): 94-100.

Jansen, I. (2006). Decision making in childbirth: the influence of traditional structure in a Ghanaian village. International Nursing Review, 53:41-46.