Environmental issues
GI Tag: Important for food and agricultural products

GI Tag: Important for food and agricultural products

GI Tag [ज्योग्राफिकल इंडिकेशन टैग] जिसे हिंदी में भौगोलिक संकेत कहा जाता है दरअसल एक संकेत होता है जो उन उत्पादों के लिए उपयोग किया जाता है, जिसकी एक विशिष्ट भौगोलिक पहचान होती है.

ऐसे उत्पादों की उत्पत्ति उस स्थान विशेष में ही होती है या मूल रूप से एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में ही पाई जाती है. इनके मूल स्थान के कारण उत्पाद की विशेषता, गुण और लोकप्रियता अनिवार्य रूप से होनी चाहिए.

GI Tag, बौद्धिक संपदा अधिकारों [Intellectual Property Rights] का हिस्सा हैं जो औद्योगिक संपत्ति संरक्षण, पेरिस समझौते के तहत आते हैं।

भारत के सन्दर्भ में दार्जिलिंग चाय पहला उत्पाद था जिसे सन् 2004-05 में जीआई टैग मिला था, और  अब तक लगभग 365 उत्पादों को GI list में जोड़ा गया है.

हाल ही में मणिपुर के काले चावल और कश्मीरी केसर को GI Tag दिया गया है.

भारत में जीआई टैग प्राधिकार | GI Tag Authority in India

GI tag को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (माल पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 के आधार पर दिया जाता है. यह जीआई टैग उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री [Geographical Indication Registry] द्वारा जारी किए जाते हैं.

जीआई टैग का महत्व | Significance of GI tag

जैसे कि बौद्धिक संपदा अधिकारों [intellectual properties rights] जैसे कॉपीराइट, पेटेंट, ट्रेडमार्क आदि की तरह ही भौगोलिक संकेतक टैग [Geographical Indication Tag] भी धारकों को अधिकार और सुरक्षा प्रदान करता है.

जीआई टैग आधारित अधिकार सही और वांछित धारकों को संकेत का उपयोग करने तथा किसी ऐसे तीसरे पक्ष द्वारा इन संकेतों के उपयोग को रोकने में सक्षम बनाता है जो उत्पाद उस विशेष क्षेत्र से संबंधित ही नहीं है और उल्लेखित उत्पाद में आवश्यक गुणवत्ता और मानक नहीं हैं.

उदाहरण के तौर पर हम दार्जिलिंग चाय के बारे में बात कर सकते हैं. दरअसल ‘दार्जिलिंग चाय’ को न्यायालय द्वारा GI Tag प्राप्त है. दार्जिलिंग से बाहर के चाय बागानों में जो चाय उत्पादन हो रहा है उन चाय उत्पादों में “दार्जिलिंग” शब्द का उपयोग नहीं किया जा सकता है.

साथ ही दार्जिलिंग में उगा रहे चाय को भी निर्धारित मानकों के अनुसार ही उत्पादित करना होगा अन्यथा उत्पाद को भौगोलिक संकेत से बाहर किया जा सकता है.

जीआई टैग और ट्रिप्स समझौते | GI tag and TRIPS agreement

बौद्धिक संपदा अधिकारों का व्यापार-संबंधित पहलुओं पर समझौता [Trade-Related Aspects of Intellectual Property Rights; TRIPS], विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सभी सदस्य देशों के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय कानूनी समझौता है.

चुकीं भारत विश्व व्यापार संगठन का एक सदस्य है, जहाँ भौगोलिक संकेतक (माल और पंजीकरण) अधिनियम, 1999 को 15 सितंबर 2003 से प्रभावी रूप से लागू किया गया.

इसके प्रभाव में आते ही सन् 2004 में दार्जिलिंग चाय पहला भारतीय उत्पाद था जिसे भौगोलिक संकेत टैग दिया गया और इसे एक प्रसिद्ध पेय को मान्यता मिली.

जीआई टैग और ग्रामीण विकास | GI Tag and Rural Development

भौगोलिक संकेत में शामिल उत्पाद ज्यादातर पारंपरिक और देशज हैं, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत समुदायों द्वारा पीढ़ियों से उत्पादित किए जा रहे हैं. ऐसे उत्पाद अपने विशिष्ट तथा सटीक गुणों के लिए बाजारों में अलग पहचान बना चुके होते है.

ऐसे भौगोलिक क्षेत्र आधारित उत्पादों को मान्यता मिलने के बाद बाजारों की निवेश की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है.

ग्रामीण विकास पर जीआई टैग के प्रभाव | Effect of GI tag on Rural Development

  1. स्थानीय स्तर पर उत्पादित एक सामान्य उत्पाद की प्रतिष्ठा बढ़ जाती है जिससे यह आपूर्ति श्रृंखला में शामिल हो जाता है.
  2. जीआई उत्पाद को एक उचित स्थिर कीमत प्राप्त होती है.
  3. आपूर्ति श्रृंखला के सभी स्तरों के माध्यम से वितरित मूल्य उत्पाद में जोड़ता है.
  4. प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित और सृजित किया जा सकता है, जिस पर वह उत्पाद आधारित है.
  5. परंपराओं, पारंपरिक विशेषज्ञता और देशज ज्ञान का संरक्षण करने में मदद मिलती है.
  6. यहाँ यह भौगोलिक क्षेत्र आधारित होने के कारण पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है.

भौगोलिक संकेत संरक्षण | Geographical Indications Protection

भौगोलिक संकेतों को विभिन्न देशों और क्षेत्रीय प्रणालियों में संरक्षित और संरक्षित किया जाता है, जिसमें कई प्रकार के दृष्टिकोण होते हैं. इसके लिए अक्सर दो या दो से अधिक दृष्टिकोणों के समेकन का उपयोग किया जाता है.

इन भौगोलिक संकेत [Geographical indication] की सुरक्षा के लिए तीन प्रमुख तरीके हैं:

  • तथाकथित सुई जेनिस सिस्टम अर्थात् सुरक्षा के विशेष नियम के द्वारा,
  • सामूहिक या प्रमाणीकरण चिह्न का उपयोग करके,
  • व्यवसायीकरण  पर ध्यान केंद्रित करने की तकनीक जिसके अंतर्गत उत्पादों का प्रशासनिक अनुमोदन देने की योजनाओं के द्वारा.

उपरोक्त दृष्टिकोण विभिन्न कानूनी प्रथाओं के अनुरूप के साथ-साथ व्यक्तिगत ऐतिहासिक तथा आर्थिक स्थितियों के ढांचे के भीतर विकसित किए गए हैं.


GI tag
Image credit: Sterling holidays

जीआई टैग की सीमायें | Limitation of GI Tags

सीमाओं की बात करें तो सबसे पहले भौगोलिक संकेतों के लिए टैग को पूरी तरह से ऐतिहासिक और अनुभवजन्य जांच के बाद ही आवंटित किया जाना चाहिए.

जिन उत्पादों की उत्पत्ति का पता नहीं लगाया जा सकता उन्हें, या तो दोनों राज्यों को स्वामित्व दिया जाना चाहिए या ऐसे उत्पादों को जीआई टैग प्रदान नहीं किया जाना चाहिए.

भारतीय राज्यों के कुछ पौधों का जीआई टैग | Plant based GI Tags of Indian states

GI Tags

Type

State/UT

Basmati

Agri*

India

Araku valley Arabica coffee

Agri

Andhra Pradesh

Guntur Sannam Chilli

Agri

Andhra Pradesh

Banaganapalle Mangoes

Agri

Andhra Pradesh

Arunachal Orange

Agri

Arunachal Pradesh

Assam Karbi Anglong Ginger

Agri

Assam

Tezpur Litchi

Agri

Assam

Joha Rice of Assam

Agri

Assam

Shahi Litchi

Agri

Bihar

Katarni Rice

Agri

Bihar

Jardalu Mango

Agri

Bihar

Magahi Paan (Betel)

Agri

Bihar

Gir Kesar Mango

Agri

Gujarat

Bhalia Wheat

Agri

Gujarat

Kangra Tea

Agri

Himachal Pradesh

Coorg Orange

Agri

Karnataka

Mysore Betel leaf

Agri

Karnataka

Nanjanagud Banana

Agri

Karnataka

Mysore Malligae

Agri

Karnataka

Udupi Malligae

Agri

Karnataka

Hadagali Malligae

Agri

Karnataka

Coorg Green Cardamom

Agri

Karnataka

Monsooned Malabar Robusta Coffee

Agri

Karnataka

Devanahalli Pomello

Agri

Karnataka

Appemidi Mango

Agri

Karnataka

Kamalapur Red Banana

Agri

Karnataka

Bangalore Blue Grapes

Agri

Karnataka

Bababudangiri arabica coffee

Agri

Karnataka

Coorg arabica coffee

Agri

Karnataka

Chikmagalur Arabica coffee

Agri

Karnataka

Sirsi Supari

Agri

Karnataka

Bangalore Rose Onion

Agri

Karnataka

Monsooned Malabar Arabica Coffee

Agri

Karnataka

Bydagi Chilli

Agri

Karnataka

Udupi Mattu Gulla Brinjal

Agri

Karnataka

Navara Rice

Agri

Kerala

Palakkadan Matta Rice

Agri

Kerala

Alleppey Green Cardamom

Agri

Kerala

Wayanad Robusta coffee

Agri

Kerala

Chengalikodan Nendran Banana

Agri

Kerala

Wayanad Jeerakasala Rice

Agri

Kerala

Wayanad Gandhakasala Rice

Agri

Kerala

Pokkali Rice

Agri

Kerala

Vazhakkulam Pineapple

Agri

Kerala

Vazhakkulam Pineapple

Agri

Kerala

Central Travancore Jaggery

Agri

Kerala

Kaipad Rice

Agri

Kerala

Marayoor jaggery

Agri

Kerala

Malabar Pepper

Agri

Kerala, Karnataka, Tamil Nadu

Nashik Grapes

Agri

Maharashtra

Nagpur Orange

Agri

Maharashtra

Karvath Kati Sarees & Fabrics

Agri

Maharashtra

Ajara Ghansal Rice

Agri

Maharashtra

Waigaon Turmeric

Agri

Maharashtra

Mangalwedha Jowar

Agri

Maharashtra

Bhiwapur Chilli

Agri

Maharashtra

Sindhudurg & Ratnagiri Kokum

Agri

Maharashtra

Waghya Ghevada

Agri

Maharashtra

Kolhapur Jaggery

Agri

Maharashtra

Navapur Tur Dal

Agri

Maharashtra

Ambemohar Rice

Agri

Maharashtra

Vengurla Cashew

Agri

Maharashtra

Sangli Raisins

Agri

Maharashtra

Lasalgaon Onion

Agri

Maharashtra

Dahanu Gholvad Chikoo

Agri

Maharashtra

Beed Custard Apple

Agri

Maharashtra

Jalna Sweet Orange

Agri

Maharashtra

Jalgaon Banana

Agri

Maharashtra

Mahabaleshwar Strawberry

Agri

Maharashtra

Marathwada Kesar Mango

Agri

Maharashtra

Purandar Fig

Agri

Maharashtra

Jalgaon Bharit Brinjal

Agri

Maharashtra

Solapur Pomegranate

Agri

Maharashtra

Kachai Lemon

Agri

Manipur

Memong Narang

Agri

Meghalaya

Khasi Mandarin

Agri

Meghalaya

Mizo Chilli

Agri

Mizoram

Naga Mircha

Agri

Nagaland

Naga Tree Tomato

Agri

Nagaland

Ganjam Kewda Rooh

Agri

Odisha

Ganjam Kewda Flower

Agri

Odisha

Sikkim Large Cardamom

Agri

Sikkim

Virupakshi Hill Banana

Agri

Tamil Nadu

Sirumalai Hill Banana

Agri

Tamil Nadu

Nilgiri (Orthodox)

Agri

Tamil Nadu

Madurai Malli

Agri

Tamil Nadu

Eathomozhy Tall Coconut

Agri

Tamil Nadu

Erode Turmeric

Agri

Tamil Nadu

Tripura Queen Pineapple

Agri

Tripura

Allahabad Surkha Guava

Agri

Uttar Pradesh

Mango Malihabadi Dusseheri

Agri

Uttar Pradesh

Kalanamak Rice

Agri

Uttar Pradesh

Darjeeling Tea (word and logo)

Agri

West Bengal

Laxman Bhog Mango

Agri

West Bengal

Khirsapati (Himsagar) Mango

Agri

West Bengal

Fazli Mango grown in the district of Malda

Agri

West Bengal

Tulaipanji Rice

Agri

West Bengal 

Gobindabhog Rice

Agri

West Bengal

*Agriculture

Further readings

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CommentLuv badge